नो इट्स आल्वेज नाॅट योर च्वाईस
आओ चुकाएँ ऋण माता-पिता का
इतिहास विरुद्ध क्या है?
आधा अधूरा प्रयास
समीक्षा और सदाषयता
नमक का कर्ज
कहीं देश न जल जाए
[vc_row][vc_column][vc_column_text] भर्तृहरि जी ने ठीक ही लिख है कि मनुष्य की तृष्णा कभी जीर्ण नहीं होती। और वह तृष्णा अगर सत्ता की हो तो इतनी विकराल हो जाती है कि फिर व्यक्ति को समस्त दायित्व बोध, नैतिकता, सामजिक समरसता की भेंट चढ़ाने मेें एक क्षण की भी हिचकिचाहट नहीं होती। कहने को तो संविधान के […]
हौंसलों की उड़ान
सात समन्दर पार वैदिक धर्म प्रचार
दिनांक 25 को डाॅ. सोनी परिवार की ओर से लगभग 300 लोगों का डिनर आयोजित किया गया था। मेन्यू, गुणवत्ता तथा विविधता लाजवाब। पर मेरे निकट हैरानी की बात ये थी कि इतने सारे मेहमानों के होने पर भी ‘बुके’ 2-4 ही आए थे। पता चला कि डाॅ. सोनी जी ने सभी मेहमानों को निवेदन […]