Rashtra Mandir
राष्ट्र मंदिर (सिलिकॉन म्यूजियम)
नवलखा महल, गुलाब बाग, उदयपुर में स्थापित यह राष्ट्र मंदिर देश के अमर और गुमनाम क्रांतिकारियों को समर्पित एक जीवंत श्रद्धांजलि है।
परिचय
महर्षि दयानंद सरस्वती की कर्मस्थली पर एक नई पहचान
उदयपुर के गुलाब बाग स्थित ऐतिहासिक नवलखा महल — जहाँ महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने अमर ग्रंथ "सत्यार्थ प्रकाश" की रचना पूर्ण की थी — अब देश के अमर और गुमनाम क्रांतिकारियों की स्मृति में समर्पित "राष्ट्र मंदिर" का भी साक्षी बना है।
सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव के अवसर पर 22 फरवरी 2026 को इस राष्ट्र मंदिर (सिलिकॉन म्यूजियम) का भव्य लोकार्पण किया गया, जो अब हज़ारों दर्शकों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गाथा से रूबरू करा रहा है।
- सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव के अवसर पर उद्घाटन
- नवलखा महल, गुलाब बाग के पास स्थित
- जीवंत सिलिकॉन स्टैच्यू गैलरी
- भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, वीर सावरकर सहित अनेक वीर
राष्ट्र मंदिर — जहाँ इतिहास केवल पढ़ा नहीं, जिया जाता है
Wax museum आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन यह और भी जीवन्त सिलिकॉन म्यूजियम है। सबसे निराला, सबसे प्यारा लगेगा आपको — यह है हमारा वादा।
जिनकी प्रतिमा के साथ एक फोटो खिंचाना जिन्दगी भर का सौभाग्य है, आएं ऐसे राष्ट्र मन्दिर में।
राष्ट्र मंदिर केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि भारत की अमर क्रांतिकारी चेतना का सजीव तीर्थ है। यहाँ प्रवेश करते ही ऐसा अनुभव होता है मानो समय का चक्र पीछे घूम गया हो और आप स्वयं उन अमर बलिदानियों के युग में पहुँच गए हों।
यहाँ स्थापित 18 महान क्रांतिवीरों की अत्यंत यथार्थवादी सिलिकॉन प्रतिमाएँ उनके जीवन के निर्णायक क्षणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। प्रत्येक प्रतिमा के साथ उनकी संपूर्ण प्रेरक गाथा, प्रभावशाली वाचन, हृदयस्पर्शी संगीत और प्रकाश-संयोजन ऐसा वातावरण निर्मित करते हैं कि दर्शक केवल देखता नहीं, बल्कि उस इतिहास को अपने भीतर अनुभव करता है।
यहाँ हर दृश्य त्याग, तप, साहस और राष्ट्रभक्ति की मौन वाणी बनकर हृदय को स्पंदित करता है। राष्ट्र मंदिर का उद्देश्य केवल इतिहास का प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रत्येक आगंतुक के मन में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और बलिदान की ज्योति प्रज्वलित करना है।
यहाँ से लौटने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ केवल स्मृतियाँ नहीं, बल्कि भारत के अमर वीरों के प्रति श्रद्धा, गौरव और प्रेरणा का अमूल्य संस्कार लेकर जाता है।
“आइए, उन अमर सपूतों से मिलिए जिन्होंने अपने आज का बलिदान देकर हमारा कल सुरक्षित किया।”
मुख्य विशेषताएँ
लोकार्पण तिथि
22 फरवरी 2026 को सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव के शुभ अवसर पर राष्ट्र मंदिर का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ।
स्थान
नवलखा महल, गुलाब बाग के पास, उदयपुर, राजस्थान — महर्षि दयानंद सरस्वती की ऐतिहासिक कर्मस्थली।
विशेषता
वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को दर्शाती जीवंत सिलिकॉन स्टैच्यू गैलरी यहाँ स्थापित की गई है।
अमर क्रांतिकारी
राष्ट्र मंदिर में स्थापित सिलिकॉन प्रतिमाओं में शामिल कुछ प्रमुख वीर
राष्ट्र मंदिर की यात्रा की योजना बनाएं
नवलखा महल आइए और भारत के अमर क्रांतिकारियों की गाथा को जीवंत रूप में अनुभव कीजिए।